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गरà¥à¤ में शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ होने के लेकर हर मां के मन में कई तरह की आशंकाà¤à¤‚ रहती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मिल रहे कà¥à¤› संकेतों की मदद से आप जान सकती हैं कि गरà¥à¤ में बचà¥â€à¤šà¤¾ सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है या नहीं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान मां को à¤à¤¸à¥‡ कई संकेत मिलते हैं जो ये बताते हैं कि गरà¥à¤ के अंदर शिशॠबिलà¥â€à¤•à¥à¤² सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ है। वहीं गरà¥à¤à¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह के खतरे से बचाने के लिठयह जानना जरूरी है कि असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण से अलग सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ à¤à¥à¤°à¥‚ण के होने पर कà¥â€à¤¯à¤¾ संकेत मिलते हैं।
यदि à¤à¥à¤°à¥‚ण में कोई समसà¥â€à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ तो मिसकैरेज हो सकता है। असà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ शिशॠहोने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में मिसकैरेज होने का खतरा सबसे जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है और à¤à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी 20वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पांचवे हफà¥à¤¤à¥‡ के आसपास शिशॠका दिल धड़कन शà¥à¤°à¥‚ कर देता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की पहली तिमाही के अंत में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• फीटल मॉनिटरिंग से आसानी से बचà¥â€à¤šà¥‡ की धड़कन महसूस कर सकती हैं।
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